सुअर का मोलभाव कर नहीं खरीद पाया तो जहर देकर मार दिया - Pratapgarh Samachar

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मंगलवार, 22 अगस्त 2017

सुअर का मोलभाव कर नहीं खरीद पाया तो जहर देकर मार दिया


प्रतापगढ़ में कीमत ज्यादा होने की कारण से सुअर नहीं खरीद पाने का बदला लेते हुए दूसरे खरीदार के सभी सुअर को रात में मार डाला गया। सबेरे सुअरों का शव देख सुअर पालक भौचक्का सा रहा गया। थाने से लेकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सबसे इन्साफ की गुहार लगाई। लेकिन किसी ने भी उसके दुःख को नहीं सुनी तो हताश होकर उसने सुअरों के शव को रोड पर रखकर चक्काजाम लगा दिया। पट्टी क्षेत्र के सांगापटी में निवासी धर्मेंन्द्र कुमार सरोज सुअर पालन का काम करके घर बसर चलता है। शनिवार के दिन धर्मेन्द्र कंधई के गाँव अमसौना में सुअर खरीदने खातिर गया था। उसने कहा कि वहां पर आसपुर देवसरा थाना अंतर्गत आने वाले चिलांवा अमरगढ़ गाँव के धर्मेन्द्र और अतरौड़ी के रहने वाले राजेश भी सुअर खरीदने आया था। 8 सुअरों की कीमत के सुअर विक्रेता 83 हजार रुपये मांग रहा था। दोनों सुअरों का कीमत घटाने को कह रहे थे। सुअर का मालिक सूअरों की कीमत घटाने को तैयार नहीं हुआ तो धर्मेन्द्र कुमार सरोज ने 83 हजार रुपये देकर 8 सुअर खरीद लिए। इस पर अन्य ग्राहक दोनों आगबबुला हो गये। धर्मेन्द्र ने बताया कि दोनों ग्राहकों ने उसे धमकी देते हुए कहा कि "खरीद भले लेत अहा मुला पाल ना पउब्या।  मारि डाउब तोहार सुअरियन का।" धर्मेन्द्र सरोज ने उसकी धमकी को नजरंदाज करते हुए गंभीरता से नहीं लिया। रविवार को शाम को अमरगढ़ वाले वाही दोनों ग्राहक धर्मेन्द्र सरोज को सांगापटी से लगभग 2 किलोमीटर दूर उड़ैयाडीह बाजार में दिखाई दिए थे। सोमवार सबेरे जब धर्मेन्द्र सरोज अपने मकान के पास बने अपने सुअर बाड़े में पहुंचा तो अमसौना से खरीदकर लाए गए सभी 8 सुअर जमीन पर मरे पड़े मिले। अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई पूरी जमा पूंजी इस कदर डूबते देख धर्मेन्द्र सरोज का पूरा घर परिवार बौखला उठा। पट्टी थाने में उसने तहरीर दी मगर प्रशासन के कान पर जूँ तक नही रेंगा और काफी समय बीत जाने [पर भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो धर्मेन्द्र ने प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी कॉल कर रोते हुए मामले की पूरी जानकारी दी। बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्र के लोग आक्रोशित हो गए और गांव के समीप रानीगंज-पट्टी मार्ग पर सुअरों की लाश सड़क पर बिछाकर करीब 2 बजे दोपहर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम से रोड पर गाड़ियों की लाइन लग गई तो सोयी पुलिस नींद से बाहर आई और पट्टी के SO राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। SO ने सूअर मारने के दोनों आरोपितो पर केस दर्ज करने की सूचना देते हुए सुअरों के शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा तो ग्रामीण मान गए और करीब 4 बजे चक्काजाम हटा। धर्मेन्द्र का सुअर बाड़ा दो भाग में बना है। प्रथम में उसके पहले से जियाये हुए सुअर बंधे हैं और दूजे में नये खरीद कर लाए गए आठों सुअर बांधे गए थे। जिस बाड़ा में नया सुअर बाँधा गया था उसमें सफेद रंग का पाउडर भी बरामद हुआ है। धमेन्द्र सरोज के अनुसार सफेद रंग का पाउडर ही वह जहरीला पदार्थ है जिससे सुअरों को मौत के घाट उतरा गया है।