ललही छठ त्यौहार प्रतापगढ़ में धूमधाम मनाया गया, क्या आप जानते हैं इस त्यौहार के बारे में ? - Pratapgarh Samachar

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रविवार, 13 अगस्त 2017

ललही छठ त्यौहार प्रतापगढ़ में धूमधाम मनाया गया, क्या आप जानते हैं इस त्यौहार के बारे में ?

 
ललही छठ त्यौहार प्रतापगढ़ में धूमधाम से मनाया गया महिलाएं पुत्र की दीर्घायु के लिए पूजा की
और आज के दिन व्रती महिलाएं मिट्टी के पात्र में भिगोया हुआ महुआ, तिन्नी का चावल, कटा नारियल, केला, अमरूद, दही आदि थाली में रख कर आस पास की महिलाओं ने एक साथ होकर पानी के नजदीक एक निश्चित स्थान पर जाकर कथा सुनी। इस दौरान पूजा स्थल महिलाओं की भीड़ व बच्चों की किलकारियों से गूंजता रहा। पूजा में महिलाएं अपने पुत्र की लंबी उम्र की दुआ माँगी।
इस पूजा में भैंस के दूध, दही एवं घी का प्रयोग होता है। आज के दिन महिलाओं को जोते हुए खेत में जाना वर्जित होता है।
    भविष्य पुराण में हलखष्ठी व्रत का महात्मय बताया गया है।  भविष्य पुराण में वर्णित है कि एक राजा का पुत्र उसकी दासी के साथ नदी में स्नान करने गया था। स्नान के दौरान राजा के पुत्र की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई। पुत्र के मौत पर क्रोधित राजा ने दासी के पुत्र को अग्नि में जला दिया। दासी डर कर वह जंगल में भाग गई, जहां उसकी मुलाकात दुर्वाषा ऋषि से होती है। दासी की पीड़ा सुन कर दुर्वाषा ऋषि ने उसे ललही छठ व्रत के बारे में बताया, जिसे करने से उसका पुत्र जीवित हो गया। दासी ने राजा की पत्नी को भी ललही छठ व्रत करने को कहा, जिससे राजा का पुत्र भी जीवित हो गया तभी से व्रत की परंपरा चली आ रही है।उन्होंने बताया कि पूजा का शुभ मुहूर्त मध्याह्न में होता है।