बगैर पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र भट्टा चलाने वाले ईंट-भट्टा मालिको की खैर नही - Pratapgarh Samachar

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शुक्रवार, 6 अक्तूबर 2017

बगैर पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र भट्टा चलाने वाले ईंट-भट्टा मालिको की खैर नही



प्रतापगढ़| शासन की नीतियों और न्यायलय द्वारा निर्देश जारी होने के बाद अब भट्टा मालिकों की खैर नही। हमेशा से ही इन पर पर्यावरण को दूषित करने और अवैध उत्खनन जैसे कृत्यों में संलिप्त पाए जाते है। लेकिन अब सरकार की नीतियों से इन पर लगाम लगेगा। बगैर पर्यावरण सर्टिफिकेट के संचालित ईट भट्ठों पर अब पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगया जायेगा। अक्टूबर माह 2017 से ईट भट्ठा सत्र 2017-18 शरू हो रहा है। जिले में संचालित ईट भट्ठो के सापेक्ष अभी तक कई ईट भट्टा मालिको द्वारा ईट मिट्टी के खनन हेतु नियमानुसार पर्यावरण स्वच्छता सर्टिफिकेट प्राप्त नही किया गया है। माननीय न्यायालयो और शासन के निर्देशों के मुताबित किसी भी ईट भट्ठे का संचालन बगैर पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र के नही किया जाना है। तात्पर्य या कि सभी ईट भट्ठो के स्वामियों द्वारा ईट मिट्टी का खनन पर्यावरण स्वच्छता सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही किया जाना है। साथ ही वर्तमान में कार्यालय जिलाधिकारी (खनन अनुभाग) प्रतापगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2012-2013 से वर्तमान सत्र 2017-18 तक का जमा रॉयल्टी का रजिस्टर तैयार कराया जा रहा है, जिसके लिये प्रतापगढ़ जिले में  कार्यरत सभी ईट भट्ठा मालिको द्वारा रॉयल्टी जमा सम्बन्धी विवरण उस मास्टर रजिस्टर में दर्ज कराया जाना है। अगर बगैर पर्यावरण स्वच्छता सर्टिफिकेट ईट भट्ठे का कार्यों का संचालन किया जाता है तो नियम के मुताबित राजस्व क्षति की वसूली के साथ-साथ ऍफआई आर (FIR) भी दर्ज करायी जायेगी।