मेरी सहेली योजना के अन्तर्गत सेनेटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक सम्पन्न - Pratapgarh Samachar

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सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

मेरी सहेली योजना के अन्तर्गत सेनेटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक सम्पन्न



आकांक्षा समिति की अध्यक्षा डा0 स्निग्धा रश्मि की अध्यक्षता में आज कैम्प कार्यालय सभागार में मेरी सहेली योजना के अन्तर्गत सेनेटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उन्होने बताया कि महिलाओ और किशोरियों में माहवारी के दौरान साफ-सफाई की आदते विकसित करने के उद्देश्य से मेरी सहेली योजना के अन्तर्गत सेनेटरी नैपकिन वितरण किये जाने की योजना है। इस कार्यक्रम को सर्वप्रथम राज्य पोषण मिशन के अन्तर्गत गोद लिये 100 ग्रामों में सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया जा चुका है। इसके अलावा 200 गांवों का चिन्हित किया गया है जिसमें सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया जायेगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ग्राम प्रधान, आशा व कार्यकत्री द्वारा महिलाओं एवं किशोरियों को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन का वितरण उनके समक्ष किया जायेगा। उन्होने बताया कि जो 200 गांव चयनित किये गये है उनमें आशा, ए0एन0एम0 एवं कार्यकत्री का प्रशिक्षण कराया जाये और हर ब्लाक के सभागार में खण्ड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में यह प्रशिक्षण दिया जाये। सेनेटरी नैपकिन वितरण का रजिस्टर बाल विकास परियोजना अधिकारी की देख-रेख में होगा। उन्होने बताया कि 01 जनवरी 2018 को 3000 महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन का वितरण निःशुल्क किया गया था तथा 15 फरवरी 2018 को इसका वितरण 5 रू0 की दर से किया गया। डा0 स्निग्धा ने वहां पर उपस्थित आंगनबाड़ी, आशा, ए0एन0एम0 को कहा कि महिलाये एवं किशोरियो सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग कितने समय तक करती है ज्यादा फ्लो होता है तो डाक्टर को दिखाये और उन्हें समझाने की आवश्यकता है। इसका प्रयोग करते समय यह ध्यान रखा जाये कि इसे समय-समय पर परिवर्तित करे। यह कार्य बहुत ही सराहनीय है सभी की रूचि से यह कार्य सम्भव होगा। सेनेटरी नैपकिन के वितरण यदि आंगनबाड़ी, आशा, ए0एन0एम0 20 रू0 में वितरित करती है तो उन्हें 2 रू0 प्रति सेनेटरी नैपकिन का लाभ प्राप्त होगा। उन्होने आंगनबाड़ी, आशा एवं ए0एन0एम0 से पूछा कि आप लोग इसके विषय में कैसे उन्हें जागरूक करती है तो उनके द्वारा बताया गया कि इसका इस्तेमाल करने से विभिन्न बीमारियों को रोका जा सकता है और कोई इन्फेक्शन नही होता है। हम किशोरियों की माँ को समझाते है कि पुरानी परम्पराओ को छोड़कर इस योजना के लाभ के विषय में उनको बताये जिससे किशोरियो में जागरूकता उत्पन्न हो। सेनेटरी नैपकिन देते समय यह समझाया जाये कि यह निःशुल्क नही है ग्राम प्रधान के फण्ड से पैसा लिया जा रहा है यही समझाने की आवश्यकता है ग्रामीण महिलाओ को जिससे वह कम से कम दामों में आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री से ले सके। 
बैठक में जिलाधिकारी श्री शम्भु कुमार ने कहा कि मेरी सहेली योजना के अन्तर्गत ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ और स्वच्छ करने के लिये किया गया है जिससे यह धीरे-धीरे एक आदत के रूप में विकसित हो। आंगनबाड़ी, आशा एवं ए0एन0एम0 ग्राम स्तर पर महिलाओ और किशोरियो को जागरूक करें। उन्होने बताया कि सेनेटरी नैपकिन पंचायत उद्योग प्रतापगढ़ द्वारा दिशा नाम से बनाया जाता है जो बाजार मूल्य पर काफी कम मूल्य पर उपलब्ध कराया जाता है।

माह मई 2018 से यह कार्यक्रम पूरे जनपद में लागू हो जायेगा इस कार्यक्रम पर आने वाला व्यय भार ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण समिति के अनटाइड फण्ड से वहन किया जायेगा और प्रत्येक ग्राम पंचायत द्वारा प्रथम माह में 600 रू0, द्वितीय माह में 450 रू0 एवं तृतीय माह में 300 रू0 का भुगतान पंचायत उद्योग को किया जायेगा। कुछ आंगनबाड़ी द्वारा बताया गया कि सेनेटरी नैककिन की गुणवत्ता सही नही है जिसे सुधार किया जाये। जिलाधिकारी ने पंचायत विभाग को निर्देशित किया कि इसकी क्वालिटी में सुधार लाया जाये। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष कुमार श्रीवास्तव, बाल विकास परियोजना अधिकारी, आशा, ए0एन0एम0 उपस्थित रही।