अग्रहरि समाज के सामूहिक विवाह समारोह में ग्यारह जोड़ें बने जीवनसाथी - Pratapgarh Samachar

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मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

अग्रहरि समाज के सामूहिक विवाह समारोह में ग्यारह जोड़ें बने जीवनसाथी

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अग्रहरि समाज के सामूहिक विवाह में ग्यारह जोड़ों ने लिए फेरे 
कटरा गुलाब सिंह| अग्रहरि वैश्य समाज के 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह बेलहा के बाग़ में विधि विधान से शनिवार को संपन्न हुआ और रविवार को विदाई हुयी। अग्रहरि विकास सेवा संस्थान के बैनर तले कटरा गुलाब सिंह में आयोजित अग्रहरि समाज के भव्य सामूहिक विवाह एवं सम्मलेन में अग्नि को साक्षी मानकर आठ जोड़ों ने सात फेरे के बाद साथ रहने की कसम खायी। 

कर्यक्रम की शुरुआत 17 फरवरी को सर्वप्रथम अग्रसेन महाराज के पूजन-अर्चन से किया गया। इसके बाद बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित अधिवक्ता रमेश चंद्र हिन्द ने दीप प्रज्वलित कर सामूहिक विवाह की शुरुआत की।

सजे-धजे आठो दूल्हे बैंड बाजा के साथ घोड़े रथ पर सवार पुरानी सभी मण्डी होते हुए रामलीला मैदान पहुंचे और नगर का भ्रमण करते हुए सामूहिक विवाह स्थल पर आये। समधी मिलन, द्वार पूजा, जयमाल हुआ। हजारों बाराती, जन प्रतिनिधि ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। हिन्दू रीति रिवाज से विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्र क साथ कन्यादान, परिग्रहण, लवा परछाई, सिंदूरदान, अग्नि को साक्षी बनने कर साथ फेरा हुआ। बाती मिलवाई, कलेवा के बाद थैली, आंचल पकड़वाई, के बाद दुल्हन विदाई १८ फरवरी को हुआ। 



विधायक और एसडीएम रहें मुख्य अतिथि 
मंच पर बतौर  विशिष्ट अतिथि विधायक विश्वनाथगंज डॉ० आर०के० वर्मा 
समारोह में विश्वनाथगंज के विधायक डॉ० आर० के० वर्मा और एसडीएम सदर पंकज वर्मा बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। साथ ही राकेश अग्रहरि, बमकेश अग्रहरि (मुंबई), बजरंग अग्रहरि, देवीशंकर अग्रहरि, पंडित रमा, काका जायसवाल, श्यामजी जायसवाल व राजकुमार राजू भैया न अपने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुंबई, दिल्ली जैसे महानगर सहित मध्य प्रदेश, बंगाल, बिहार व देश के अन्य प्रदेशो के अग्रहरि बंधुओ ने शिरकत की। 

आठ सालो से हो रहा नि:शुल्क सामूहिक विवाह का आयोजन 

वही संस्थान के अध्यक्ष अजय श्रीराम अग्रहरि ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलनों के माध्यम से वर पक्ष और वधु पक्ष दोनों ही पक्ष अपव्यय से बचते हैं। आधुनिकता के इस युग में खर्चीली शादियां का जैसे चलन बढ़ता जा रहा है ऐसा कई बार सुनने में आया है कि वर पक्ष की अधिक मांग पर बधु पक्ष आर्थिक संकट में आ जाता है। ऐसे में जन-समाज के सहयोग के माध्यम से होने वाले सामूहिक विवाह से अपव्यय के भार से बच सकते हैं। साथ ही आर्थिक रूप से पिछड़ें अविवाहितों काफी मदद मिलती है।
बता दें कि जन सहयोग से सामूहिक विवाह का आयोजन यहाँ विगत आठ वर्षो से लगातार होते आ रहा है। 

कार्यक्रम अग्रहरि समाज प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष भोला अग्रहरि, संरक्षक बृजेश अग्रहरि डेरवा, महेश अग्रहरि, संस्थान के कोषाध्यक्ष दिनेश अग्रहरि, सचिव कमलेश वैश्य, वरुणेश, अभय, गौरव, आलोक, अंकित उर्फ़ गोलू, शिवम, प्रहलाद आदि हजारों अग्रहरि बंधुओ का योगदान रहा।