जनपद में 12 गांव हुये कुपोषण मुक्त, प्रदेश में प्रतापगढ़ का स्थान सर्वोच्च-जिलाधिकारी - Pratapgarh Samachar

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सोमवार, 26 मार्च 2018

जनपद में 12 गांव हुये कुपोषण मुक्त, प्रदेश में प्रतापगढ़ का स्थान सर्वोच्च-जिलाधिकारी




राज्य पोषण मिशन के कार्यो के नियोजन, क्रियान्वयन, निगरानी एवं अनुश्रवण के लिये जिला पोषण समिति की बैठक आज हादीहाल, तुलसीसदन के सभागार में जिलाधिकारी शम्भु कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिसमें जनपद में कुपोषण मुक्त बनाने हेतु कुल चयनित 100 ग्रामों की विधिवत समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि इन 100 ग्रामों में 12 गांव ऐसे है जो पूरी तरह कुपोषण मुक्त हो गये है। इनमें विकास खण्ड सदर के ग्रामसभा पूरेभईया, सरायदली, विकास खण्ड बाबागंज के मलाक छत्ता, लालूपट्टी, सरायगोपाल, बल्ला, विकास खण्ड पट्टी की ग्रामसभा उसरौली, विकास खण्ड रामपुर संग्रामगढ़ के ग्राम पंचायत लकुरी एवं लोहंगपुर, विकास खण्ड आसपुर देवसरा के भांटीखुर्द, मडरामऊ एवं कोपा के नाम सम्मिलित है।
प्रारम्भ में जिला कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष कुमार श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारियों का स्वागत करते हुये बताया कि जनपद में कुल गोद लिये 100 गांवो में सभी अभ्यर्थियों के जांब कार्ड, मनरेगा कार्ड, राशन बनाये जा चुके है। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 0 से 5 वर्ष के जितने भी बच्चे है उन्हें कुपोषण मुक्त करना है एवं प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ए0एन0एम0 द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच 05 अप्रैल से की जायेगी। उन्होने कहा कि कुपोषण दूर करने का अच्छा प्रयास किया जायेगा। प्रतापगढ़ जनपद को घोषित किये गये कुपोषण मुक्त ग्राम की श्रृंखला में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है जो हम सभी के लिये गौरव की बात है किन्तु साथ ही हम सभी का दायितव भी बढ़ जाता है कि हम इस बढ़त को बनाये रखे और जनपद के घोषित सभी कुपोषित गांवों को कुपोषण मुक्त कर दें। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जिले में 30 हजार बच्चे ऐसे पाये गये है जो लाल श्रेणी के अन्तर्गत कुपोषित बच्चे है। हर एक बच्चे का कार्ड ए0एन0एम0 के पास हर बच्चे का कुपोषण कार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिये और समय-समय पर उनका परीक्षण होते रहना चाहिये साथ ही उनके स्वास्थ्य के परीक्षण का रिकार्ड भी कार्ड में अंकित होना चाहिये। अधिकारियों के द्वारा बताया गया कि शिवगढ़ ब्लाक के अन्तर्गत रैनी सतखरिया गांव में ए0एन0एम0 की तैनाती नही है। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि जो गोद लिये ग्राम है वहां पर ए0एन0एम की तैनाती की जाये। उन्होने यह भी बताया कि 27 मार्च से मेरी सहेली योजना के अन्तर्गत चयनित कुल 200 ग्रामों में सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया जायेगा। इस अवसर पर जो 12 गांव कुपोषण मुक्त किये गये है उन्हें कुपोषण मुक्त ग्राम का प्रशस्ति पत्र देकर जिलाधिकारी ने सम्मानित किया। प्रशस्ति पत्र पाने वालों में आशा, ए0एन0एम0, बाल विकास परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सम्बन्धित ग्रामसभा के ग्रामप्रधान सम्मिलित है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी शिवचरण द्विवेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी शशिकान्त पाण्डेय सहित समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित आशा एवं ए0एन0एम0 उपस्थित रही।