प्रतापगढ़ बना अपराधगढ़, 24 घण्टे के अंदर नगर कोतवाली में लूट की तीन घटनाओं से दहशत में नगरवासी - Pratapgarh Samachar

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शनिवार, 28 अप्रैल 2018

प्रतापगढ़ बना अपराधगढ़, 24 घण्टे के अंदर नगर कोतवाली में लूट की तीन घटनाओं से दहशत में नगरवासी

प्रतापगढ़:  जनपद का नाम प्रतापगढ़ से बदलकर अपराधगढ़ कर देने में कोई बुराई नहीं है।इतना गौरवशाली इतिहास है प्रतापगढ़ का लेकिन आज वर्तमान में यह गौरवशाली इतिहास अपराधियों द्वारा कलंकित हो रहा है। आप सोचिए जिस जनपद से सत्ताधीश पार्टी के 4 विधायक, एक साँसद और दो मन्त्री हों और 3 दिन पहले ही जहाँ से मुख्यमंत्री रात गुजार के गए हैं उस जनपद में लूट, छिनैती और हत्या का सिलसिला अनवरत चल रहा हो उसे अपराधगढ़ ही कहना उचित होगा। पिछले 24 घण्टों में 3 बड़ी  घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी अपराधियों पर कोई कार्यवाही न हो पाना साफ-साफ पुलिस की नाकामी ही कहा जायेगा।
       पहली घटना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास महिला से दो लाख की लूट की है। एसपी ऑफिस के पास हुई इस घटना में बैंक से बेटी की शादी के लिए पैसे निकाल कर घर जाती हुई महिला से बाइक सवार बदमाशों ने पैसों से भरा बैग लूट लिया और पल्सर से भाग निकले।
      अभी बीते दिन ही यानी परसों नगर कोतवाली के ही अष्टभुजानगर में बदमाश कैशियर को गोली मारकर 1.30 लाख की नगदी लूट ले गए। पुलिस लुटेरों के बारे में कोई भी जानकारी जुटा पाने में असफल रही है।
     तीसरी घटना शहर के आईटीआई कॉलेज के पास की है। शुक्रवार शाम भाई के साथ बाइक पर घर जा रही युवती की पर्स छीनने के प्रयास में दूसरी बाइक सवार बदमाशों ने झटका दिया जिससे युवती बाइक से गिरकर गम्भीर रूप से घायल हो गयी। युवती को गिरा देख बदमाश भाग निकले।
     ये सभी घटनाएँ नगर कोतवाली से ज्यादा दूरी पर नहीं हुई हैं। पुलिस अपने काम मे कितनी ऐक्टिव है इस बात का अंदाजा अपराधियों की निडरता को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह की सारी रणनीति प्रतापगढ़ में एसपी संतोष कुमार सिंह की अकर्मण्यता से फेल हो रही है। लोग बताते हैं की एसपी साहब कभी भी मौके पर नहीं जाते हैं। जाते वहां हैं जहां जनता ऐसी तैसी करने पर उतारू हो जाती है। शगुन गौतम के जाने के बाद इन नए नए एसपी साहेब की अकुशलता देख कई लोग एसपी को बदलने की शिकायत बार बार किये लेकिन इसके बावजूद भी एसपी का तबादला न किया जाना शासन की मिलीभगत को दर्शाता है। ऐसा लगता है कि सबका टाइम फिक्स होता है जाओ मजे करो प्रतापगढ़ में 6 महीने या 8 महीने तुम्हरा ट्रांसफर नहीं करेंगे। लगता तो यही है क्यों कि अगर इनके ऊपर बड़े स्तर से दबाव हो तब तो यह कार्य करेंगे। याबी जब प्रतापगढ़ की पुलिस सीएम योगी के प्रतापगढ़ दौरे के समय सुरक्षा ढंग से नहीं कर पायी तो आम जनता का कैसे करेगी। 
   पिछले 6 दशकों से प्रतापगढ़ की जनता को अपराधियों पर अंकुश लगने का इंतजार है। देखते है अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का सपना कब प्रतापगढ़ में लागू किया जाता है।