सांगीपुर पुलिस द्वारा गश्त के नाम पर गुंडागर्दी, सरेआम BSF के जवान को दी गालियां - Pratapgarh Samachar

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गुरुवार, 19 जुलाई 2018

सांगीपुर पुलिस द्वारा गश्त के नाम पर गुंडागर्दी, सरेआम BSF के जवान को दी गालियां

BSF के जवान के साथ अभद्रता से नजर आई पुलिस। गालियां दे दे कर BSF के जवान  की इज्जत की उड़ाई खिल्ली सांगीपुर थाना क्षेत्र के पुलिस जब गश्त पर निकली तो ऐसा लग रहा था जैसे उसने कोई बड़ी तीर मार ली हो लग रहा था जैसे आज पुलिस ने पहली बार अपनी वर्दी की सही इस्तेमाल की है। लेकिन पुरानी कहावत है कि शेर की खाल पहन लेने से गीदड़ कभी शेर नहीं बनता और वही अंदाज देखने को मिला सांगीपुर थाने की पुलिस का। बीच सड़क पर बीच बाजार में एक BSF के जवान को पुलिस वाले ने पकड़ कर उसे गालियां दी। बीएसएफ का जवान हाथ जोड़कर खड़ा रहा और कह रहा साहब यह हमारी गाड़ी है और यह हमारी गाड़ी का कागज, मैं बीएसएफ का जवान हूं। लेकिन पुलिस वाले तो आज सिंघम बने  अपनी वर्दी के रूप में थे और भला क्या जाने बीएसएफ का जवान कौन होता है पुलिस वाले कहने लगे अगर इस देश में कोई जवान है तो पुलिस का जवान है।  BSF का कोई जवान नहीं होता यह कहकर पुलिस वालों ने उस BSF के जवान के साथ गालियां गलौज करके उसे थाने सांगीपुर ले गए बात यहीं खत्म नहीं हुई पुलिस वालों ने तो आज पूरी बाजार को गालियां देते हुए डराते धमकाते रहे।  स्कूली बच्चों तक को नहीं छोड़ा। जनता यह पूछना चाहती है पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा क्या आपने इन पुलिस वालों को  क्राइम खत्म करने के लिए कहा है या फिर चलते रोड पर गुंडागर्दी करने के लिए। नये पुलिस अधीक्षक से आम जनता को यह उम्मीद तो बिलकुल नहीं थी। जनता ने तो सोचा था कि ऐसा नया पुलिस अधीक्षक आ गया है जो क्राइम कम करने में मददगार साबित हो लेकिन आपके ही आदेश पर पुलिस वालों की गुंडागर्दी देख कर नहीं लगता की आप प्रतापगढ़ में क्राइम खत्म कर पाएंगे या फिर आप खत्म करना चाहते हैं। आप नौकर हैं जनता के मालिक नहीं।