6 लाख की लूट व 4 हत्याओं से दहल उठा बेल्हा, बेखौफ हैं अपराधी, पुलिस है मस्त - Pratapgarh Samachar

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शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

6 लाख की लूट व 4 हत्याओं से दहल उठा बेल्हा, बेखौफ हैं अपराधी, पुलिस है मस्त

चाहे भाजपा की उत्तर प्रदेश में सरकार हो चाहे पूर्व सपा की प्रतापगढ़ जिले में अपराध दिन प्रति दिन अपनी चरम सीमा पर जा रहा है। अपराधियों के लिए पुलिस प्रशासन माने कुछ नहीं है अपराधी पुलिस से आगे निकल चुके हैं। प्रतापगढ़ पुलिस को तो कुछ समझ ही नहीं रहें हैं।आम जनता को सिर्फ पुलिस लूट रही है। 100 से 500 की नोट पर बिक जाती है बेल्हा की पुलिस, इनसे अपराध कतई नियंत्रित नहीं होगा।
   अभी कुछ दिन पहले दो सगे व्यापारी भाइयों के मर्डर की गुत्थी सुलझाने पुलिस उलझी हुई थी कि आज एक ही दिन में जिले में 4 हत्याएं हो गयी। जहाँ गड़वारा बाजार में पति पत्नी की हत्याओं से जिले में अफरातफरी फैल गई वहीं  जगेसरगंज बाजार के ग्रामीण बैंक की 6लाख की लूट को अपराधियों ने पूरी शिद्दत से अंजाम दिया। जो कुछ कमी प्रतापगढ़ को दुर्दांत अपराधगढ़ में बची थी वह शाम होते होते कुंडा क्षेत्र के बाघराय यहने के भिटारा गाँव में रास्ते के विवाद में चाचा भतीजे की हत्या से पूरी कर दी गयी। यह सारा कार्य प्रतापगढ़ के ही अपराधियों ने किया। लगभग हर गांव में अपराधी हैं और पुलिस उनको पालती रहती है। पुलिस अपराधियों के साथ प्रतापगढ़ के हर चौराहे पर हलवाई की दुकानों पर बैठ गलबहियां करती दिखाई पड़ती है।
  मुख्यमंत्री योगी ने प्रतापगढ़ में अपराध  को कम करने के लिए आई जी मोहित अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को जिम्मेदारी दी है लेकिन कोतवाली व थाने स्तर पर इतना ज्यादा भ्रष्टाचार है कि अपराध काबू होता नहीं दिख रहा है। हालांकि आईजी ने पिछले कुछ दिनों में सिलसिलेवार तौर पर हुई हत्याओं व लूट के बीच जिले में कैंप करके अपराध को कंट्रोल करने की कोशिश की और कुछ मोटरसाइकिल चोर पकड़े और कुछ अवैध असलहों के साथ अपराधियों को पकड़ कर पुलिस अपनी पीठ थपथपई। लेकिन ज्यादातर थानों व पुलिसकर्मियों  का मक़सद जेब भरना ही रहा। यहां तक कि पुलिस ने अपने स्वार्थसिद्धि के लिए कुछ वारन्टी को गिरफ्तार करने के होड़ में लालगंज पुलिस ने रामपुर के एक दलित के यहाँ जाकर खूब उत्पात मचाया। जैसा की पीड़ित ने  प्रतापगढ़ समाचार को बताया कि पुलिस ने नम्बर बनाने के चक्कर में वारंटी को प्रताड़ित किया लेकिन जब बाद में इंस्पेक्टर साहब को ज़बानत का पेपर दिखाया गया तब इंस्पेक्टर साहब वापस लौट आए।
   वहीं टाइनी शाखा के संचालन करने वाले को लालगंज कोतवाली क्षेत्र में लूटा गया उसका भी खुलासा नहीं हो सका वहीं लालगंज कोतवाली क्षेत्र में अमीन की संदिग्ध अवस्था मे लाश बरामद हुई। उसका तक खुलासा पुलिस नहीं कर पाई। वहीं एक अन्य मामले में पूरे वीरबल में यूवक की लाश फाँसी पर लटकती हुईं बाग में मिली उसका भी खुलासा नहीं हो सका।
    जिले में शराब के अवैध करोबारी सक्रिय रहते है परन्तु उस पर भी लगाम कसने में पुलिस कामयाब नहीं हो रही है कार्यवाही के नाम पर कुछ छोटे लोगों को पकड़ कर पुलिस जेल जरूर भेज देती है।
  ये है प्रतापगढ़ पुलिस की कहानी और यूपी सरकार प्रदेश में सब को न्याय और भय मुक्त करने की बात करती है। अगर सही कहा जाय तो पुलिसकर्मी एक आम आदमी को तब तक प्रताड़ित करते हैं जब तक वह उनकी जेब गर्म नहीं कर देता और जो मंथली जेब गर्म करता है पुलिस थाने उसको संरक्षण देते हैं ।